सरकारी गाड़ियों का फिटनेस, आम आदमी के वाहन पर कार्रवाई

आरटीओ की व्यवस्था पर सवाल—फिटनेस के नियम सबके लिए समान क्यों नहीं?
पुराने वाहनों के खिलाफ आरटीओ की कार्रवाई को लेकर आम वाहन मालिकों में सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी के पुराने वाहन फिटनेस के नाम पर रोके या जब्त किए जा रहे हैं, वहीं कई दशकों पुरानी सरकारी गाड़ियां सड़कों पर चल रही हैं।
जनता का सवाल है कि क्या सरकारी गाड़ियों को फिटनेस प्रमाणपत्र मिल रहा है, जबकि समान उम्र या स्थिति वाले आम नागरिकों के वाहनों को फिटनेस नहीं मिल पा रहा?
यदि दोनों के लिए नियम समान हैं तो फिटनेस देने और कार्रवाई करने के मानदंड भी समान क्यों नहीं दिखाई देते? आरटीओ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पुराने सरकारी वाहनों की फिटनेस किस आधार पर जारी की जा रही है और आम वाहन मालिकों के लिए वही मानक कैसे लागू किए जाते हैं।
जनता की मांग है कि फिटनेस और वाहन जांच की प्रक्रिया पारदर्शी हो तथा नियम सरकारी और निजी—दोनों वाहनों पर समान रूप से लागू हों।



